सीवान, जनवरी 3 -- हसनपुरा, एक संवाददाता। बढ़ती ठंड और पाले से आलू की फसल को बचाने के लिए किसान कई तरीके अपना रहे हैं। जिनमें खेत में हल्की और समय पर सिंचाई करना, मिट्टी चढ़ाना (मिट्टी की परत चढ़ाना), सल्फर दवा का छिड़काव करने में जुटे हुए हैं। ताकि फसल को नमी, गर्माहट मिले और झुलसा रोग जैसी बीमारियों से बचाया जा सके। इन किसानों में श्यामलाल साह, गोपाल साह, जगरनाथ साह, कन्हैया साह, घुरा साह, राजेंद्र साह, बिंदु देवी, टुनटुन साह, नरसिंह साह, हरिशंकर साह आदि शामिल हैं। किसानों का कहना है कि पौधों के निचले हिस्से को ठंड से बचाने और आलू को बढ़ने के लिए मिट्टी की परत चढ़ाई जाती है, जिससे उपज अधिक बढ़ती है। वहीं उनका कहना है कि खेत में नमी बनाए रखने के लिए हल्की सिंचाई करते हैं, ताकि मिट्टी नरम रहे और पाले का असर कम हो, लेकिन पानी भरा न रहे। इसक...