नई दिल्ली, अप्रैल 17 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने जानवरों की कस्टडी को लेकर बड़ा फैसला दिया है। कोर्ट ने कहा कि जानवरों की कस्टडी को प्रॉपर्टी की कस्टडी के बराबर नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे विवादों का फैसला करते समय पालतू जानवरों और उनकी देखभाल करने वालों के बीच के भावनात्मक रिश्ते को पूरी अहमियत दी जानी चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि चीजों के उलट जानवर महसूस करने वाले जीव होते हैं। जो लोग उनकी देखभाल करते हैं, उनके साथ उनका एक मजबूत भावनात्मक रिश्ता बन जाता है। कोर्ट ने कहा कि पालतू जानवरों को उनकी देखभाल करने वालों से अलग करने पर जानवरों को गहरा भावनात्मक सदमा पहुंच सकता है। कस्टडी से जुड़े मामलों में फैसला करते समय इन बातों को ध्यान में रखना बहुत जरूरी है। यह भी पढ़ें- क्या 30 दिन बाद बच्चों को मां की जरूरत नहीं होगी;...
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