गुमला, जून 3 -- गुमला संवाददाता। पालकोट वन्यजीव अभयारण्य के इको सेंसिटिव जोन के विस्तार को लेकर विरोध तेज हो गया है। जिला परिषद के पूर्व सदस्य चैतु उरांव ने लोहरदगा संसदीय क्षेत्र के सांसद को ज्ञापन सौंपकर भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की 21 फरवरी 2018 की अधिसूचना को रद्द कराने की मांग की है। यह भी पढ़ें- पालकोट अभयारण्य के इको सेंसिटिव जोन के विस्तार को रद्द करने की मांग, सांसद को सौंपा ज्ञापनविरोधप्रद आवाज बिहार सरकार द्वारा 22 मार्च 1990 को पालकोट वन्यजीव अभयारण्य अधिसूचित किया गया था। बाद में केंद्र सरकार की अधिसूचना के माध्यम से इसका विस्तार करते हुए सिमडेगा जिले के 33 तथा गुमला जिले के 173 राजस्व गांवों को इको सेंसिटिव जोन में शामिल कर दिया गया।स्थानीय आम जनता की आवाज अधिसूचना जारी करने से पूर्व ग्रामसभा, प...