नई दिल्ली, जुलाई 13 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पार्श्वनाथ डेवलपर्स और उसके निदेशकों के बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए और कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए। कोर्ट ने यह कदम बुजुर्गों की अपने घरों का कब्जा पाने के लिए 20 साल की लंबी लड़ाई पर ध्यान देते हुए उठाया। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और वी. मोहना की पीठ ने नियामिकी प्राधिकरणों की 'सुस्ती' पर गहरी चिंता जताई और हरियाणा राज्य प्रशासन और बिल्डर के बीच 'मिलीभगत' का संकेत दिया। पीठ ने पार्श्वनाथ हेसा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड और उनके प्रबंध निदेशकों और निदेशकों के निजी बैंक अकाउंट को तुरंत प्रभाव से फ्रीज करने का आदेश दिया। पीठ ने संबंधित कंपनियों के निदेशकों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए। सीजेआई ने ने चेतावनी दी...