गोंडा, मई 24 -- तरबगंज, संवाददाता । श्रीबटुक भैरव मंदिर श्रीस्वामी नाथ आश्रम पूरे गयन पकड़ी में इन दिनों चल रही पांच दिवसीय कथा के दौरान बाल व्यास प्रज्ञान शुक्ला ''प्रसून'' ने मां पार्वती के जन्म का मार्मिक प्रसंग सुनाया। कथा सुनकर उपस्थित श्रोता भाव-विभोर हो उठे। बाल व्यास ने कहा कि शैलराज हिमाचल और देवी मैना के आंगन में श्रद्धा स्वरूपा पार्वती जी का जन्म हुआ। कहते हैं कि घर में बेटे का जन्म होना भाग्य की बात है, लेकिन बेटी का जन्म होना और भी सौभाग्य की बात है। जिसके आंगन में बेटी आती है, वह अवश्य ही पूर्व काल में भगवती का उपासक रहा होता है। कथा के माध्यम से उन्होंने समाज को बेटा-बेटी में समानता का संदेश दिया। बाल व्यास ने उपदेश दिया कि बेटा-बेटी को समान लालन-पालन और संस्कार देने चाहिए, क्योंकि बेटा एक कुल को तारता है, जबकि बेटी दो कुलो...