हमीरपुर, दिसम्बर 28 -- राठ, संवाददाता। यमुना एक्सप्रेस-वे पर मथुरा के पास बस में लगी आग से दो बच्चों की जान बचाने के बाद आग से जली पार्वती का शव 12 दिन बाद भी परिजनों को नहीं मिल सका। नौरंगा की पार्वती के जिंदा जलने के मामले में मथुरा के जांच अधिकारी राठ आए और पार्वती को बस में बैठाने वाले उनके भांजे और ई-रिक्शा चालक के बयान दर्ज किए। डीएनए टेस्ट के बाद भी पार्वती के शव की पहचान नहीं हुई। मझगवां थानाक्षेत्र के नौरंगा गांव निवासी गोविंद अहिरवार अपनी पत्नी पार्वती और पांच बच्चों के साथ दिल्ली में मेहनत मजदूरी कर गुजर बसर करते हैं। उसकी पत्नी पार्वती 11 नवंबर को बहन के निधन पर अपने मायके धौहल गांव आई थी। कुछ दिन बाद मायके से ससुराल नौरंगा पहुंची। जहां स्कूली कामकाज निपटाकर 15 दिसंबर की शाम पार्वती अपने बच्चों शनि और प्राची के साथ वापस स्लीपर...
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