पार्थिव शिवलिंग के पूजन का बताया महत्व
अलीगढ़, अगस्त 18 -- अलीगढ़। बाबा नीम करौली धाम पर आयोजित संगीतमयी श्री शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन मंगलवार को कथा व्यास ने शिव महापुराण की पावन संहिताओं, पार्थिव शिवलिंग पूजन के महत्व, विभिन्न प्रकार के शिवलिंगों के स्वरूप, सृष्टि खंड का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा व्यास पंडित कृष्ण चंद्र शास्त्री महाराज ने 'नारद मोह' का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जब मनुष्य के जीवन में तप और ज्ञान के साथ अहंकार का प्रवेश होता है, तो भगवान लीला रचकर अपने भक्त का अहंकार दूर करते हैं ताकि उसका आध्यात्मिक पतन न हो। कहा कि कलयुग में मिट्टी से बने शिवलिंग (पार्थिव पूजन) की आराधना सर्वश्रेष्ठ और तत्काल फलदायी मानी गई है। इस अवसर पर गोपाल आचार, सुमित शर्मा, पुनीत वार्ष्णेय बंटी, मिथलेश सक्सेना, राजू बालाजी, महेश बिल्डर उपस्थित रहे।
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