पार्टी संविधान में ऐसा कोई पोस्ट नहीं, कपिल सिब्बल ने एकनाथ शिंदे के पद को ही दे दी चुनौती
नई दिल्ली, अगस्त 12 -- सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना विवाद को लेकर चल रही सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के 'मुख्य नेता' पद पर बने रहने और उनकी नियुक्ति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। शिवसेना के 1999 के संविधान का हवाला देते हुए कपिल सिब्बल ने दावा किया कि शिवसेना के इस संविधान में 'मुख्य नेता' नाम का कोई पद ही मौजूद नहीं है। इसके साथ ही सिब्बल ने सवाल उठाया कि एकनाथ शिंदे ने किस संविधान के आधार पर खुद को इस पद से नवाजा है? उन्होंने कोर्ट में कहा कि यह सब पार्टी में हुई बगावत (दलबदल) के बाद की गतिविधियां हैं। इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया कि चुनाव आयोग की गाइडलाइंस 2010 में लागू हुईं। पैरा 15 यह मानता है कि आपका चुनाव या नियुक्ति पार्टी संविधान के अनुसार हुई थी और राजनीतिक पार्टी में बंटवारा ...
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