पटना, मई 17 -- समाजवादी चिंतक अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि पार्टियों में जब तक आंतरिक लोकतंत्र कायम नहीं होगा, तब तक देश में लोकतंत्र को मजबूत करना मुश्किल काम है। वे रविवार को सोशलिस्ट पार्टी के 92वें स्थापना समारोह पर आयोजित सोशलिस्ट संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इसका आयोजन जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान में किया गया। अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि राजनीति में बढ़ते धनबल का चलन घातक है। उन्होंने चुनाव सुधार की आवश्यकताओं पर बल दिया। केंद्रीय संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष सैयद तहसीन अहमद, गांधीवादी वसी अहमद, प्रो. विजय कुमार, संदीप पाण्डेय समेत कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...