अल्मोड़ा, जून 17 -- अल्मोड़ा। चेतना केंद्र में पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं से संबंधित कार्यशाला हुई। जर्मन विकास सहयोग संस्था, अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ, ऊर्जा एवं संसाधन संस्थान और वन विभाग ने स्थानीय समुदायों, रेखीय विभागों और हितधारकों को पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के महत्व पर चर्चा की। डीएफओ सिविल सोयम प्रदीप धौलाखंड ने बताया कि कार्यशाला में वन विभाग, ग्रामीण विकास, कृषि, उद्यान, पंचायती राज और जल संस्थान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों सहित स्थानीय ग्रामवासियों, महिला समूहों ने भागीदारी की। विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि वन, जल स्रोत और जैव विविधता जैसे प्राकृतिक संसाधन मानव जीवन और आजीविका के आधार हैं, जिनका संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। सामूहिक चर्चा में जल, वन एवं भूमि संरक्षण की प्रभावी रणनीत...