हरदोई, नवम्बर 13 -- हरदोई। पारिवारिक पेंशन जिम्मेदारों पर जानबूझकर न देने का आरोप लगा है। विमललता अस्थाना का कहना है कि उनके पिता पुत्तूलाल अस्थाना तहसील संडीला में रजिस्टर कानूनगो के पद पर रहते हुए रिटायर हुए थे। उनका देहांत हो जाने के बाद उनकी पत्नी शांति अस्थाना को पारिवारिक पेंशन आजीवन मिलती रही थी। मेरे पति का देहांत पिता को जीवनकाल के दौरान हो गया था। तब से वह अपने पिता के घर पर रह रही है। पिता के देहांत के बाद उनकी माता को मिलने वाली पारिवारिक पेंशन ही उनकी भी जीविका का अंतिम साधन था। आरोप है कि पिता व माता के देहांत के बाद वह कार्यालयों का चक्कर महीनों से लगाकर पिता की परिवारिक पेंशन का लाभ उत्तर प्रदेश सरकार के शासनादेशों के अनुरूप जारी किए जाने का प्रार्थना पत्र दे रही है। लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।
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