लातेहार, अप्रैल 16 -- बेतला प्रतिनिधि । अप्रैल माह के दूसरे सप्ताह में पारा के चढ़ते ही क्षेत्र में जलसंकट गहराने लगा है। दिनोंदिन बढ़ते तापमान से अधिसंख्य कुआं,नदी,जलाशय सूख गए हैं या फिर सूखने के कगार पर हैं। वहीं तेजी से घटते जलस्तर के कारण अधिकांश चापानलों ने जवाब देना शुरू कर दिया है। कई ऐसे चापानल हैं जिनसे 10-15 मिनट के कड़ी मशक्कत के बाद दो-चार ग्लास ही गंदला पानी निकल रहा है। जो कि लोगों की प्यास बुझाने में नाकाफी हैं। वहीं बेतला के हरिजन टोला और आदिम जनजाति बहुल अखरा गांव के परहिया टोला में लगा चापानल और सोलर जलमीनार पिछले कई माह से खराब पड़े हैं। इससे वहां पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। वार्ड सदस्य राजेंद्र परहिया ने चैतू परहिया के घर के पास का वर्षों पुराना चापानल को टोला वासियों का एकमात्र सहारा होने की बात कही। हाला...
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