गिरडीह, अगस्त 20 -- पीरटांड़, प्रतिनिधि। विश्व प्रसिद्ध जैन तीर्थस्थल सम्मेद शिखर जी (पारसनाथ पहाड़) में धार्मिक मर्यादा और पर्यटन गतिविधियों को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। हाल ही में भगवान पार्श्वनाथ के मोक्षकल्याणक महोत्सव और सावन सप्तमी के दौरान पहाड़ पर गैर-जैन पर्यटकों की आवाजाही को लेकर विवाद के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए। इसके बाद से बहस छिड़ गई है। बताया जाता है कि पारसनाथ न केवल जैन धर्मावलंबियों की सर्वोच्च आस्था का केंद्र है, बल्कि झारखंड-बिहार की सबसे ऊंची चोटी होने के कारण यह एक प्रमुख प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर भी है। तीर्थ क्षेत्र में लगातार बढ़ रही पर्यटकों की भीड़ के कारण जैन समाज में चिंता है। उनका मानना है कि कुछ पर्यटकों द्वारा शोर-शराबा करने, रील्स बनाने और मनोरंजन गतिविधियां बढ़ाने से तीर्थ की आध्यात्मि...