कानपुर, फरवरी 27 -- कानपुर। सीसामऊ स्थित श्री 1008 सहस्त्र फनी पारसनाथ मंदिर में चल रहे आध्यात्मिक महापर्व पर शुक्रवार को सिद्ध चक्र विधान के अंतर्गत चतुर्थ दिवस पर भक्तों ने भक्ति के साथ जिनेंद्र भगवान की आराधना की। प्रातःकालीन बेला में श्री जी का अभिषेक शांति धारा हुई। इसके बाद नित्य नियम पूजन के साथ 64 रिद्धि के माध्यम से पूजन संपन्न हुआ। संध्याकालीन बेला में प्रवीण जैन, अंतिम जैन, खुशी जैन परिवार ने जिनेंद्र भगवान की आरती की। विधान की प्रतिष्ठा आचार्य पंडित सुमित जैन शास्त्री ने की। आरती का महत्व बताते हुए कहा कि आरती का मतलब आ से आत्मा, रति का मतलब रमण करना है। आरती के माध्यम से प्रभु के गुणों का स्मरण करते हुए अपनी मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करना है। आरती के पश्चात बनारस से आए विद्वान डॉक्टर कमलेश ने 64 ऋद्धियों का महत्व बताया। समाज के...