पारंपरिक सर्जरी से मिनिमली इनवेसिव प्रक्रियाओं तक डॉ शफीक अहमद द्वारा BPH उपचार के विकास पर चर्चा
नई दिल्ली, जून 5 -- दशकों तक बेनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया (BPH), (जिसे सामान्यतः बढ़ा हुआ प्रोस्टेट कहा जाता है) से पीड़ित पुरुषों के पास उपचार के सीमित विकल्प थे। दवाइयाँ केवल अस्थायी रूप से रुकावट से होने वाले लक्षणों में राहत देती थीं, लेकिन अंततः कई मरीजों को सर्जरी की आवश्यकता पड़ती थी। हालांकि, आज उपचार के क्षेत्र में तेजी से बदलाव आ रहा है, जहाँ मिनिमली इनवेसिव सर्जिकल थैरेपीज़ (MISTs) मरीजों को तेजी से ठीक होने का अवसर प्रदान कर रही है, कम जटिलताओं और बेहतर जीवन गुणवत्ता प्रदान कर रही हैं। इस बदलाव को अपनाने वाले प्रमुख यूरोलॉजिस्ट्स डॉ. शफीक अहमद जो नई दिल्ली के BLK-Max सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में यूरोलॉजी, एंड्रोलॉजी और रीनल ट्रांसप्लांट विभाग के सीनियर डायरेक्टर एवं हेड हैं, जिन्होंने भारत में प्रोस्टेटिक यूरेथ्रल लिफ्ट (...
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