पारंपरिक खेती की जगह वैकल्पिक खेती को अपनाएं किसान
नवादा, अगस्त 5 -- मानसून की कमजोर गतिविधियों और सामान्य से कम वर्षा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अभी तक पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण धान रोपनी का कार्य पूरी तरह से प्रभावित होकर रह रहा है। धान रोपाई का समय जैसे जैसे बितता जा रहा है, वैसे वैसे किसानों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। यह भी पढ़ें- Katihar News: उमस से बेहाल कटिहार, लेकिन खेतों के लिए मेहरबान मानसूनकृषि विज्ञान केन्द्र की सलाह इस बदलते मौसम को देखते हुए कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके) सेखोदेवरा, कौआकोल नवादा ने किसानों के लिए विशेष कृषि परामर्श जारी किया है। कृषि विज्ञान केन्द्र के विषय वस्तु विशेषज्ञ रविकांत चौबे ने बताया कि मानसून की बेरुखी धान जैसी अधिक पानी वाली फसलों को अधिक प्रभावित किया है। ऐसे में किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ वैकल्पिक खेती की ओर भी ध्यान देने क...
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