नई दिल्ली, जनवरी 8 -- महिलाओं के शृंगार में पायल का पहनना भी शामिल है। हिंदू धार्मिक मान्यताओं में शादीशुदा महिला का पायल पहनना बेहद शुभ होता है। पायल केवल आभूषण नहीं होती है बल्कि सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी मानी जाती है। लेकिन ज्योतिष में इसे पहनने के कुछ नियम बताए गए हैं। मान्यता है कि यदि गलत तरीके से पायल पहना जाता है, तो जीवन में कई तरह के संकट झेलने पड़ते हैं। वहीं, सही तरीके और सही समय पर पायल पहनने से न सिर्फ सौभाग्य बढ़ता है, बल्कि मानसिक शांति, वैवाहिक सुख और आर्थिक स्थिरता भी बनी रहती है। चलिए जानते हैं कि पायल पहनने का सही तरीका व नियम क्या है? चांदी की पायल का महत्वपायल पहनने की परंपरा बहुत पुरानी है। खासकर चांदी का पायल पहनना बेहद शुभ होता है। चांदी को चंद्रमा की धातु माना गया है, जो मन, भावनाओं और शांति से जुड़...