हमीरपुर, नवम्बर 29 -- भरुआ सुमेरपुर। कस्बे के तपोभूमि प्रांगण में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कथा व्यास ने तीसरे दिन कहा कि ईश्वर ने योग माया से संसार को बांध रखा है। मनुष्य का विवेक ही उसे पाप पुण्य के लिए प्रेरित करता है। कथा पंडाल में भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। कस्बे के गायत्री तपोभूमि में चल रही श्री गायत्री महायज्ञ की 68वीं वर्षगांठ के तीसरे दिन कथा पंडाल में उमड़ी भीड़ को कथा श्रवण कराते हुए कथा व्यास दुर्गा प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि मनुष्य का विवेक ही पाप, पुण्य, अच्छे बुरे, न्याय, अन्याय, अधर्म, धर्म के मार्ग पर चलने का निर्णय करता है। सब कुछ जानने के बाद मनुष्य पाप मार्ग पर जाता है। यह उसके कर्मों का फल है। जो धर्म के विपरीत चलता है। मनुष्य को धर्म का मार्ग त्याग करके धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। इस अवसर पर तपोभूमि में लगे मेले मे...
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