नई दिल्ली, अक्टूबर 22 -- व्रतों में प्रमुख व्रत, एकादशी का माना जाता है। ऐसा कहा जाता है चंद्रमा की स्थिति के कारण मानसिंक और फिजिकल स्थिति खराब भी होती है और अच्छी भी होती है। यहां तक कि व्यक्ति के ऊपर ग्रहों का बुरा असर होता है उसकों भी कम किया जा सकता हैं। पापांकुशा एकादशी के कारण सिर्फ आपको ही नहीं औरों को भी लाभ होता है। इसमें पद्मनाभ स्वरूप की पूजा करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इससे व्यक्ति के पा कम होते हैं। इसलिए इस एकादशी को पापांकुंशा एकादशी कहा जाता है। अगर आप इसका व्रत करते हैं तो आपकी कई पीढ़िया यानी आपके पितर आपके माता-पिता की पुरानी पीढ़ियों के पाप नष्ट हो जाते हैं और वो बैकुंठ धाम को जाते हैं। इस साल पापांकुशा एकादशी का व्रत आज 22 अक्टूबर को रखा जा रहा है। इसका पारण अगले दिन 23 अक्टूबर को किया जाएगा।क्या है भगवान का पद्मनाभ...