पापांकुशा एकादशी व्रत कब रखा जाएगा, क्या होती है त्रिस्पृशा एकादशी
नई दिल्ली, अक्टूबर 15 -- आश्विन के शुक्लपक्ष में जो एकादशी होती है, वह पापकुंशा एकादशी कही जाती है। ऐसा कहा जाता है कि यह एकादशी सभी तरह के पापों को नष्ट करने वाली है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन सभी मनोरथ को पाने के लिए मनुष्यों की स्वर्ग और मोक्ष प्रदान करने वाले पद्मनाभ वासुदेव का पूजन करना चाहिए। कहा जाता है कि जो इस मुनि चिरकालतक कठोर तपस्या करके जिस फलको प्राप्त करता है, वह उस दिन भगवान् गरुड़ध्वज का यह व्रत करने सेसे और उनको प्रणाम करने से ही मिल जाता है। इस साल कब है पापाकुंशा एकादशीकब है पापाकुंशा एकादशी इस साल एकादशी तिथि 21 अक्टूबर को दोपहर में 2 बजकर 12 मिनट से लग रही है, लेकिन इस दिन दशमी युक्त एकादशी तिथि लग रही है। इसलिए अगले दिन 22 तारीख को सूर्योदय के साथ ही एकादशी तिथि व्याप्त होगी और दोपहर में 2 बजकर 49 मिनट तक ही एकादशी ...
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