पानी के अभाव में बर्बादी के कगार पर धान की नर्सरी
गंगापार, जून 28 -- आसमान से बरसती आग और बारिश की लंबी खामोशी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। क्षेत्र में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी के चलते सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। सबसे अधिक असर धान की खेती पर पड़ रहा है। खेतों में तैयार की गई धान की नर्सरी पानी के अभाव में सूखने लगी है। हरी-भरी दिखने वाली पौध अब पीली पड़ रही है, जिससे किसानों को इस बार अच्छी पैदावार की चिंता सताने लगी है। धान की खेती के लिए पानी की सबसे अधिक जरूरत होती है, लेकिन किसानों की उम्मीदों का सहारा बनी नहरें इस समय खुद पानी की बाट जोह रही हैं। यह भी पढ़ें- मानसून की बेरुखी के बीच शुरू हुई धान की रोपाई क्षेत्र की शारदा सहाय खंड 39 और इससे जुड़े रसूलपुर रजबहा सहित कई अन्य रजबहे अभी तक सूखे पड़े हैं। नहरों में पानी नहीं आने से किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो गया ह...
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