फरीदाबाद, मई 1 -- फरीदाबाद, धनंजय चौहान। दूषित पेयजल की समस्या से जूझ रहे शहर वासियों के लिए राहत की खबर है। सेक्टर-11डी स्थित जन स्वास्थ्य विभाग की लैब को माइक्रो लैब के रूप में अपग्रेड किया जाएगा है, जिससे पानी की गुणवत्ता की अधिक सटीक और व्यापक जांच संभव हो सकेगी। इस योजना पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शहर में अब तक पानी की जांच सीमित दायरे में ही हो पा रही थी। लैब में केवल केमिकल और बैक्टीरियोलॉजिकल टेस्टिंग की सुविधा थी, जिससे सीवर के पानी और बीओडी जैसे महत्वपूर्ण मानकों की जांच संभव नहीं थी। इसके चलते कई बार दूषित पानी की सटीक पहचान समय पर नहीं हो पाती थी, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा बना रहता था और सुधारात्मक कार्रवाई में देरी होती थी। लेकिन माइक्रो लैब बनने के बाद यहां वेस्ट वाटर (सीवर...