फतेहपुर, जून 25 -- फतेहपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फरमान है कि आपातकालीन सेवाओं का 'रिस्पांस टाइम' कम से कम होना चाहिए, ताकि संकट की घड़ी में जनता को तुरंत राहत मिले। लेकिन, जिले का प्रशासनिक अमला और नगर पालिका मिलकर इस दावे का मज़ाक उड़ा रहे हैं। आग बुझाने के लिए सबसे बुनियादी जरूरत 'पानी' की है, लेकिन पुराने और घने शहरी इलाकों में बैकअप पानी का सोर्स यानी फायर हाइड्रेंट शून्य फीसदी है। सालों से रखरखाव न होने के कारण या तो ये कबाड़ हो चुके हैं या फिर अफसरों की मेहरबानी से भू-माफिया इन पर कब्जा कर चुके हैं। विभाग की हाईप्रेशर मशीनें तालाबों के गंदे पानी से काम नहीं चला सकतीं, उन्हें स्वच्छ जलस्रोत चाहिए। ऐसे में तंग गलियों में आग लगने पर दमकल की गाड़ी पानी खाली होते ही रीफिलिंग के लिए मीलों दूर नलकूपों की तरफ भागने को मजबूर होती है...