नई दिल्ली, अप्रैल 6 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसमें निर्देश दिया गया था कि पानी, नमक और चीनी बेचने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सभी प्लास्टिक/पीईटी बोतलों और पैकेजिंग पर एक चेतावनी लिखी होनी चाहिए कि इन खाद्य पदार्थों में 'माइक्रो/नैनो प्लास्टिक हो सकते हैं। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि चेतावनी प्रदर्शित करने में कुछ भी गलत नहीं है। पीठ ने कहा कि भले ही सरकार इस मामले में सुस्त रवैया अपना रही हो, लेकिन हाईकोर्ट इस पर बहुत सकारात्मक है क्योंकि अध्ययनों में माइक्रो प्लास्टिक की मौजूदगी की बात सामने आई है। जनता को इसके बारे में जागरूक होने दीजिए। शीर्ष अदालत 'पीईटी पैकेजिंग एसोसिएशन फॉर क्लीन एनवायरमेंट' द्वारा दा...