मुंगेर, सितम्बर 9 -- निष्काम प्रेम और पूर्ण समर्पण भक्ति के मूल भाव: स्वामी निरंजनानंद मुंगेर,हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। योग विद्यालय के पादुका दर्शन में मंगलवार को वैदिक मंत्रोच्चार और गुरु-स्मरण बीच लक्ष्मीनारायण यज्ञ का शुभारंभ हुआ। यज्ञ के आरंभ के साथ ही पूरा परिसर आध्यात्मिक और भक्तिमय वातावरण में डूब गया। साधकों और श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से मंत्रपाठ और संकीर्तन में हिस्सा लिया। परमहंस स्वामी निरंजनानंद सरस्वती ने कहा कि, यह दिन विशेष रूप से पावन है, क्योंकि इसी दिन दादा गुरु स्वामी शिवानंद सरस्वती का जन्म दिवस है। इस अवसर पर यज्ञ का आरंभ हुआ है और इसकी पूर्णाहुति परमहंस स्वामी सत्यानंद सरस्वती के जन्मदिन पर होगी。

स्वामी शिवानंद सरस्वती का प्रेम और सेवा स्वामी निरंजनानंद सरस्वती ने कहा कि, स्वामी शिवानंद सरस्वती के जीवन के दो प्रमुख...