नवादा, अप्रैल 18 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर विलुप्त हो रही ऐतिहासिक पाण्डुलिपि के संरक्षण की पहल को ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम बताते हुए बीडीओ देवानंद कुमार सिंह ने लोगों से दुर्लभ पाण्डुलिपियों की जानकारी पोर्टल के माध्यम से या फिर मौखिक या लिखित तरीके से उपलब्ध कराने की अपील की है। बीडीओ ने कहा कि देश के युवाओं और बच्चों को पाण्डुलिपियों की जानकारी और इसकी महत्ता के लिए यह सरकार का दूरदर्शी पहल साबित होगा। उन्होंने इसके लिए जन भागीदारी सुनिश्चित करते हुए लोगों को इसके लिए आगे आने का आह्वान किया है। पाण्डुलिपि के तात्पर्य के बारे में उन्होंने बताया कि भोजपत्र, ताड़पत्र, कपड़ा, धातु आदि पर लिखे गए कम से कम 75 वर्ष पुराना ग्रन्थ जिसकी धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और साहित्यिक महत्त्व हो। उन्होंने इसकी जानकारी खुद उन्हें या फिर ...
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