देहरादून, अगस्त 17 -- देहरादून,वरिष्ठ संवाददाता। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के सभागार में सोमवार को साहित्य कला और संस्कृति संस्था संवेदना की ओर से समकालीन कहानी की पठनीयता और चुनौतियां विषय पर गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में कहानी की बदलती प्रवृत्तियों, पाठकों की घटती रुचि और तकनीक के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि पाठकों से जुड़ाव ही समकालीन कहानी की सबसे बड़ी कसौटी है।मुख्य वक्ता डॉ. रजनी गुप्त ने कहा कि समकालीन कहानी का जुड़ाव आज के वास्तविक जीवन से सहज होना चाहिए। कहानी में ऐसे विषय होने चाहिए, जिनमें आम पाठक को अपना जीवन और आसपास की परिस्थितियां दिखाई दें। उन्होंने कहा कि विषय नए हो सकते हैं, लेकिन प्रस्तुति इतनी जटिल नहीं होनी चाहिए कि पाठक उससे जुड़ ही न सके। आज कहानीकारों की कई पीढ़ियां सक्रिय हैं और सभी के सामने ...