नई दिल्ली, सितम्बर 8 -- जम्मू की एक अदालत ने पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शनों से जुड़े 2019 के आगजनी मामले में सात आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष के कहने पर आरोप तय करने के लिए अदालत को सिर्फ एक पोस्ट ऑफिस की तरह काम नहीं करना चाहिए। दूसरे अतिरिक्त सेशन जज अनूप कुमार शर्मा ने यह भी कहा कि भीड़ में शामिल होने मात्र से ही किसी व्यक्ति को भीड़ के कुछ सदस्यों द्वारा किए गए कथित अपराधों के लिए आपराधिक रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ऐसा कोई ठोस सबूत पेश करने में नाकाम रहा जिससे यह साबित हो सके कि आरोपी भीड़ के साझा मकसद में शामिल थे या उन्होंने कथित आगजनी में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हिस्सा लिया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पुलवामा हमले के बाद जम्मू बंद का आह्व...