नई दिल्ली, अप्रैल 20 -- पश्चिम एशिया संघर्ष में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक कोशिशों में पाकिस्तान की मध्यस्थता को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। अमेरिकी थिंक टैंक अमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ फेलो माइकल रुबिन ने इस भूमिका पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने यह तक कह दिया है कि पाकिस्तान की मध्यस्थता अमेरिका के लिए शर्मिंदगी की बात होगी, बल्कि खतरनाक भी हो सकती है। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है, जब पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता की मध्यस्थता के लिए तैयार है। संडे गार्जियन में प्रकाशित लेख में रुबिन ने कहा कि पाकिस्तान की भूमिका दुर्भावना से भरी रही है। उन्होंने लिखा, 'पाकिस्तान के परमाणु वैज्ञानिक ए.क्यू. खान ने ईरान का परमाणु कार्यक्रम बनाने में मदद की; और अब वाशिंगटन उसी गंदगी के लिए इस्लामाबाद को इन...