नई दिल्ली, अगस्त 4 -- जब भी भारत और पाकिस्तान की आजादी की बात होती है, तो 14 और 15 अगस्त की तारीखें दिमाग में आती हैं। लेकिन पाकिस्तान के सबसे बड़े और अशांत सूबे बलूचिस्तान के इतिहास में एक और तारीख बेहद अहम है- 11 अगस्त। बलूच नागरिक और आजादी समर्थक गुट हर साल 11 अगस्त को अपना 'स्वतंत्रता दिवस' (Independence Day) मनाते हैं। आखिर 1947 में उस दिन ऐसा क्या हुआ था और क्यों बलूचिस्तान आज भी इस दिन को अपनी आजादी के प्रतीक के रूप में देखता है? इसका जवाब दशकों पुराने ऐतिहासिक विवाद में छिपा है, जो 1947 में ब्रिटिश भारत के विभाजन और कलात की रियासत के भाग्य से जुड़ा है, जो कभी वर्तमान बलूचिस्तान के एक बड़े हिस्से पर राज करती थी। यह भी पढ़ें- पाकिस्तान से रिश्ता खत्म! बलूचिस्तान ने रख दी स्वतंत्रता दिवस की तारीख11 अगस्त 1947: जब कलात की रियासत बनी 'आ...