इस्लामाबाद, फरवरी 25 -- पाकिस्तान में एक गजब का मामला सामने आया है। यहां पर इस्लामाबाद हाई कोर्ट में एक जज नकली डिग्री के दम पर फैसले सुना रहा था। आईएचसी ने इस बारे में 116 पन्नों का फैसला सुनाया। कोर्ट ने जस्टिस तारिक महमूद जहांगीरी को उनके पद से हटा दिया गया। कोर्ट ने साफ कहा कि तारिक की कानून की डिग्री शुरू से ही अमान्य थी। इस तरह उनकी जज के रूप में नियुक्ति भी कानूनी तौर पर गलत थी। पूरी तरह से फर्जीडॉन अखबार ने इस बारे में रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक इस्लामाबाद हाई कोर्ट को कराची यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार से तारिक के असली रिकॉर्ड मिले। इन रिकॉर्ड्स से पता चला कि उनके एजुकेशनल डॉक्यूमेंट्स पूरी तरह से फर्जी थे। कोर्ट के मुताबिक साल 1988 में जहांगीरी ने फेक नामांकन नंबर से एग्जाम दिया था। तब वह नकल करते हुए पकड़े गए थे। इस...