नई दिल्ली, फरवरी 3 -- पाकिस्तान ने ट्वंटी-20 विश्व कप में भारत के साथ होने वाले मैच का बहिष्कार करके क्रिकेट को नूराकुश्ती का मैदान बना दिया है। यह अचरज का विषय है कि पाकिस्तान ने आयोजन में भागीदारी तो स्वीकार की, पर भारत से मुकाबले का बहिष्कार करके खेल को राजनीति से अलग रखने के अपने दावों पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा लिया। करीब एक सप्ताह की अनिश्चितता के बाद लिया गया यह फैसला स्पष्ट करता है कि पाकिस्तान सरकार की प्राथमिकता खेल भावना नहीं, बल्कि घरेलू और कूटनीतिक दबाव हैं। विश्व कप जैसे वैश्विक मंच पर किसी एक मुकाबले से पीछे हटना न केवल टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्द्धा की भावना को प्रभावित करता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की साख पर भी असर डालता है। यह भी विडंबना है कि पाकिस्तान अन्य देशों के खिलाफ खेलने को तैयार है, लेकिन भारत ...