नई दिल्ली, जुलाई 7 -- पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में राजनीतिक संकट बेहद गहरा गया है। आगामी 27 जुलाई को होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पूरा इलाका सुलग उठा है। बुनियादी हक और आर्थिक मांगों को लेकर शुरू हुआ 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) का जन-आंदोलन अब 'स्वशासन' और राजनीतिक अधिकारों की बड़ी जंग में बदल चुका है। पाकिस्तानी हुकूमत ने इस आंदोलन को कुचलने के लिए JAAC पर पूरी तरह बैन लगा दिया है, इंटरनेट बंद है और चप्पे-चप्पे पर भारी फौज तैनात कर दी है। इसके विरोध में आंदोलनकारियों ने 27 जुलाई के चुनावों के पूर्ण बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। यह भी पढ़ें- पाक में फिर आतंकी हमला: पुलिस चौकी में तैनात जवानों को गोलियों से भूना, 9 की मौतआटे और बिजली की लड़ाई से राजनीतिक अधिकार तक यह पूरा विवाद साल 2023 में तब शुरू हुआ था...