नई दिल्ली, फरवरी 27 -- सुशांत सरीन,सीनियर फेलो, ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन पकिस्तान ने डुरंड सीमा पर 'खुली जंग' का एलान करके बेवजह मुसीबत मोल ले ली है। इस्लामाबाद का दावा है कि बीते 48 घंटों में उसके हवाई हमलों से अफगान-तालिबान के 133 लड़ाके मारे गए हैं, जबकि 200 से अधिक घायल हुए हैं, उधर काबुल ने भी बयान जारी करके कहा है कि उसकी जवाबी कार्रवाई में 55 पाकिस्तानी सैनिक ढेर हुए हैं। इस बदलते घटनाक्रम पर तमाम देशों की नजर है। रूस सहित कई मुल्कों ने तुरंत संघर्ष-विराम की अपील भी की है। आखिरकार अफगानिस्तान-पाकिस्तान के संबंध इतने खराब कैसे हो गए? यह सही है कि बीते दो दिनों में सीमा पर काफी कुछ अप्रत्याशित घटा है, लेकिन दोनों देशों में तनातनी तो तभी शुरू हो गई थी, जब 2021 में तालिबान ने काबुल की सत्ता संभाली थी। दरअसल, दुनिया भर में तालिबान की 'त...