नई दिल्ली, अगस्त 14 -- पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब में हाल ही में एक अहम रक्षा समझौता किया है। सऊदी के मक्का में जुटे तीनों देशों के शीर्ष नेताओं ने इस समझौते को ऐतिहासिक बताया है। मक्का पैक्ट की सबसे अहम बात यह है कि इसके तहत किसी भी देश पर हमले को तीनों देशों के खिलाफ हमला माना जाएगा। इस प्रावधान की वजह से इसकी तुलना पश्चिमी देशों के रक्षा समझौते नाटो से हो रही है। हालांकि विशेषज्ञों की राय कुछ और ही है। बता दें कि इससे पहले तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने कहा था कि मक्का रक्षा समझौता तकनीकी रूप से पश्चिमी देशों के सैन्य गठबंधन नाटो के आर्टिकल 5 जैसा ही है। नाटो के आर्टिकल 5 की तरह इस समझौते का मतलब भी यह है कि अगर तीनों में से किसी एक देश पर हमला होता है, तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। यह भी पढ़ें- 3 सुन्नी देशों को पड़...