मथुरा, मार्च 11 -- वृंदावन, रमणरेती मार्ग स्थित वृंदावन शोध संस्थान में मंगलवार को पांच दिवसीय प्राचीन पांडुलिपियों की प्राथमिक एवं उपचारात्मक संरक्षण कार्यशाला का शुभारंभ मंगलवार को हुआ।उद्घाटन सत्र में एनआरएलसी लखनऊ के पूर्व प्रशिक्षक प्रमोद कुमार पांडे ने कहा कि प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा का संवर्धन पांडुलिपियों के संरक्षण से जुड़ा है। यह हमारा का कर्तव्य है कि नई पीढ़ी को अपनी धरोहर से अवगत कराये और उनको प्रशिक्षित कर उनके सुरक्षित हाथों में पांडुलिपियों को सौंपें। संस्थान के निदेशक डॉ राजीव द्विवेदी ने कहा कि संस्थान द्वारा पिछले 58 वर्षों से पांडुलिपियों के संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में भारत सरकार की परियोजना ज्ञान भारतम् पूर्वनाम राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के अंर्तगत संस्थान की संरक्षण प्रयोगशाला भी चल रही है। संस्थान क...