जमशेदपुर, अप्रैल 1 -- झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत ने वैवाहिक विच्छेद के मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि जहां विश्वास खत्म हो जाए, वहां वैवाहिक संबंध का टिके रहना संभव नहीं होता। अदालत ने जमशेदपुर फैमिली कोर्ट के वर्ष 2024 का आदेश निरस्त करते तलाक की अनुमति प्रदान कर दी। जमशेदपुर फैमिली कोर्ट ने पत्नी की याचिका खारिज करते हुए तलाक की अनुमित नहीं दी थी। इस आदेश को पत्नी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पत्नी को दो बेटियों होने से मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना दी गई। पति और सास के व्यवहार से साथ रहना असंभव हो गया था। खंडपीठ ने कहा कि फैमिली कोर्ट ने साक्ष्य का सही मूल्यांकन नहीं किया। विवाह आपसी विश्वास और सम्मान पर आधारित होता है और जब यह पूरी तरह टूट जाए तो संबंध को जबरन ...