रांची, जुलाई 17 -- रांची, संवाददाता। सरायकेला-खरसावां के चर्चित भू-अर्जन रिश्वतकांड के आरोपी दलाल विनय तिवारी को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। मामला एसीबी से संबंधित है। आरोप है कि चांडिल के धुनाबुरू निवासी गुरुचरण सिंह की भू-अर्जन मुआवजा राशि करीब 1.48 करोड़ रुपये का भुगतान कराने के एवज में 40 लाख रुपये रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने 24 मार्च 2026 को जाल बिछाकर कार्रवाई की। इस दौरान विनय तिवारी को पांच लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। इसी कार्रवाई में सरायकेला समाहरणालय के मुख्य आरोपी लिपिक प्रीतम आचार्य को भी गिरफ्तार किया गया था।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...