पांच लाख टन रिफाइंड कॉपर क्षमता जोड़नी होगी
नई दिल्ली, जुलाई 5 -- नई दिल्ली। भारत को बढ़ती तांबे की मांग को पूरा करने के लिए प्रत्येक पांच साल में करीब पांच लाख टन अतिरिक्त परिष्कृत तांबा उत्पादन क्षमता विकसित करने की जरूरत है। अंतरराष्ट्रीय तांबा संघ भारत ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में तांबे की मांग देश की आर्थिक वृद्धि के अनुरूप बढ़ने की संभावना है। वर्ष 2026 में तांबे की मांग में लगभग नौ प्रतिशत की वृद्धि होगी। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में रिकॉर्ड क्षमता जोड़ी गई। इसके अलावा एयर कंडीशनर, पंखे, रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन जैसी टिकाऊ उपभोक्ता सामान की मजबूत बिक्री के चलते इस क्षेत्र में भी दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे तांबे की मांग को और बल मिला।
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