उरई, जनवरी 25 -- उरई। शहर के मैत्री बुद्ध बिहार बघौरा में चल रहे पांच दिवसीय धम्मदेशना कार्यक्रम का रविवार को समापन हो गया। आखिरी दिन तथागत बुद्ध के महापरिनिर्वाण की कथा सुनाई गई। बड़ी संख्या में लोगों ने जाकर कथा का अनुश्रवण किया। कथावाचक अरविंद बौध्द ने तथागत बुद्ध कथा के बारे में विस्तार से बताया। कैसे तथागत बुद्ध को भोजन दान करवाने वाले लोगों ने भोजन विष मिला दिया उससे भी अवगत कराया। प्रसंग सुनकर प्रांगण में बैठे लोगों की आंखों नम हो गई। करूणा दया के सागर को अन्तिम समय में भी संसार से शिकायत नहीं थी। बौध्द विवाह कार्यक्रम के तहत आनंद राव इटौरा-अनामिका बौध्द पद्धति से परिणय सूत्र मे बंधे। आयोजक समिति ने वर व बधु को आर्शीवाद दिया और विवाह पर अनावश्यक खर्चो से बचने की अपील की। भदंत ज्ञान ज्योति ने भिक्खुगणों का साधुवाद किया। अध्यक्षता कर ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.