प्रयागराज, अप्रैल 10 -- प्रयागराज। ग्रहों में राजा सूर्यदेव का गोचर मेष राशि में 14 अप्रैल को होने जा रहा है। जिसके साथ ही शादी-ब्याह जैसे मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे और शहनाई बजने लगेगी। उत्थान ज्योतिष व आध्यात्म संस्थान के निदेशक पं. दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली ने बताया कि मेष राशि सूर्य की उच्च राशि मानी गई है। सूर्यदेव 15 मई को सुबह 9.59 बजे तक मेष राशि में रहकर अपना प्रभाव स्थापित करेंगे। सूर्य का गोचर के दृष्टिकोण से राशि परिवर्तन देवगुरु बृहस्पति की राशि मीन से मंगल की राशि मेष में होगा। मेष राशि में प्रवेश करते ही एक महीने से चले आ रहे खरमास का समापन भी हो जाएगा। खरमास के बाद 14 अप्रैल से विवाह का पहला लग्न आरंभ होगा। निदेशक ने बताया कि खरमास के बाद अप्रैल में 15, 16, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29 व 30 अप्रैल को शुभ मुहूर्त में शादी-...
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