छपरा, जून 23 -- पेज पांच की लीड फोटो:5 राजेंद्र स्टेडियम के पास की स्लम बस्ती की तस्वीर छपरा, एक संवाददाता। शहर के विकास की रफ्तार के बीच कई स्लम बस्तियां ऐसी हैं जहां रहने वाले परिवार बुनियादी सरकारी सुविधाओं से पूरी तरह नहीं जुड़ सके हैं। रोजगार की तलाश में पांच दशक पहले शहर पहुंचे इन परिवारों ने झोपड़ियों से शुरुआत की और धीरे-धीरे स्थायी रूप से बस गए लेकिन लंबे समय बाद भी कई परिवारों के लिए राशन कार्ड, आधार कार्ड और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ एक बड़ी चुनौती है। शहर के राजेंद्र स्टेडियम के समीप स्थित स्लम बस्ती में रहने वाले अधिकतर परिवार कटिहार और पूर्णिया जिले से रोजगार की तलाश में करीब 50 वर्ष पहले छपरा आए थे। उस समय शहर में दिहाड़ी मजदूरी और अन्य छोटे-मोटे काम की तलाश में पहुंचे लोगों ने खाली पड़ी जमीन पर झोपड़ियां बनाकर रहना शुरू क...