विकासनगर, जनवरी 11 -- सेलाकुई में बीते पांच दशक से चल रहे राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल को अब तक अपना भवन नहीं मिल पाया है। 1975 से शुरू हुआ यह अस्पताल आज भी किराये के मकान में संचालित हो रहा है। बार-बार शिफ्ट होने के कारण अधिकांश लोगों को यह तक नहीं पता कि अस्पताल कहां संचालित हो रहा है। इससे स्थानीय लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण हजारों की संख्या में बाहर के लोग यहां पर रोजगार के लिए आते हैं। वहीं, सेलाकुई के मूल निवासियों की भी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सेलाकुई में आज तक बदलाव नहीं हुआ। यहां तक की पांच दशक पहले स्थापित राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल को भी आज तक भवन नहीं मिला पाया। अस्पताल किराये के मकान में ही संचालित हो रहा है। अपना भवन न होने के कारण अस्पताल को बार-ब...