देवरिया, मई 12 -- गोरखपुर, प्रमुख संवाददाता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर राप्ती नदी की बाढ़ से महानगर को सुरक्षित करने और शहरवासियों को वैकल्पिक यातायात मार्ग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हाबर्ट तटबंध को फोरलेन में विकसित करने का काम तेजी से चल रहा है। वहीं, सिंचाई विभाग पांच दशक पुराने रेग्युलेटरों की जगह 30.28 करोड़ रुपये की लागत से नए रेग्युलेटर तैयार कर रहा है। अधिकांश सिविल और यांत्रिक कार्य पूरे हो चुके हैं। शेष काम अगले तीन से चार दिनों में पूरा होने का दावा किया गया है。

हाबर्ट तटबंध का चौड़ीकरण गोरखपुर में राप्ती नदी के बाएं तट पर ब्रिटिश काल में बने 3.9 किलोमीटर लंबे हाबर्ट तटबंध का चौड़ीकरण किया जा रहा है। पहले इस तटबंध के शीर्ष की चौड़ाई सात मीटर थी, जिसे लोक निर्माण विभाग द्वारा फोरलेन सड़क के रूप में विकसित करते हुए 2...