बांका, मई 18 -- बांका, नगर प्रतिनिधि। शहर के ओढ़नी नदी तट पर स्थित प्रसिद्ध मां तारा मंदिर का चापानल आज भी शुद्ध पेयजल का सबसे विश्वसनीय और लोकप्रिय स्रोत बना हुआ है। करीब पांच दशक से भी अधिक पुराने इस जल स्रोत की पहचान केवल एक साधारण चापानल के रूप में नहीं, बल्कि लोगों की आस्था, विश्वास और स्वास्थ्य से जुड़ी धरोहर के रूप में होती है। वर्षों बीत जाने के बावजूद इस चापानल के पानी की मिठास और शुद्धता में कोई कमी नहीं आई है। कई स्थानीय लोगों का कहना है कि, तारा मंदिर के चापानल का पानी आरओ से भी अधिक मीठा तथा फ्रिज के पानी से भी ज्यादा ठंडा होता है।

जल स्रोत की भीड़ मां तारा मंदिर परिसर में लगे इस चापानल पर दिन-रात लोगों की भीड़ लगी रहती है, जहाँ सुबह करीब साढ़े चार बजे से ही पानी लेने वालों का आना शुरू हो जाता है, जो देर रात लगभग साढ़े 11 बज...