कानपुर, जनवरी 29 -- कानपुर देहात,संवादाता। किसानों के हितैषी होने और उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने का सरकार दावा कर रही है,लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और है। हफ्तों से क्रय केंद्रों पर डेरा डालने के बाद भी किसानों के धान की तौल नहीं हो सकी। वहीं बारिश से बचाव के समुचित इंतजाम नहीं होने से दो दिन हुई बूंदा बांदी में सरकारी क्रय केंद्रों पर रखा खरीदा गया काफी धान भीग गया। जबकि तौल का इंतजार कर रहे किसानों का धान भीगने से आहत किसान अब वापस लौटने को मजबूर हो रहे हैं। गुरूवार को हिन्दुस्तन टीम को सरकारी धान क्रयकंद्रों में इसतरह का नजारा दिखा। भीग गया उप मंडी के यार्ड के बाहर रखा धान अकबरपुर।उपमंडी स्थल अकबरपुर में दोपहर बाद सवा तीन बजे धान लदी ट्रालिया खडी मिलीं। जबकि किसान ट्रैक्टर लेकर वहां से जाचुके थे। परिसर में बने टीन शेड वाले यार्ड के बाहर...
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