बरेली, सितम्बर 30 -- गर्भावस्था के दौरान जोखिम बढ़ने का एक बड़ा कारण है चार बार से अधिक प्रेगनेंसी। पांचवीं या अधिक बार गर्भधारण से जच्चा-बच्चा, दोनों के लिए कई तरह की जटिलताएं बढ़ सकती हैं। प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की स्क्रीनिंग के दौरान पांच या इससे अधिक बार गर्भवती होने वाली 7734 महिलाओं को हाई रिस्क प्रेगनेंसी की श्रेणी में शामिल किया गया है। इनमें 1117 गर्भवतियों का चिकित्सकीय प्रबंधन कठिन होने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया। आंकड़ों से साफ है कि ऐसी गर्भवतियों में करीब 15 प्रतिशत को उच्च चिकित्सा केंद्र भेजने की जरूरत पड़ रही है।

जटिलताओं का जोखिम पांचवीं या इससे अधिक गर्भावस्था वाली महिलाओं में प्रसव के दौरान जटिलताओं की आशंका बढ़ सकती है। इनमें प्रसव के दौरान अधिक रक्तस्राव, एनीमिया, उच्च रक्तचाप और अन्य जटिलताओं का जोखिम हो सकता...