लखनऊ, मार्च 8 -- निगोहां की एक साधारण महिला बिटाना देवी आत्मनिर्भरता की मिसाल बनकर उभरी हैं। निगोहां क्षेत्र के मीरखनगर गांव की पांचवीं पास बिटाना देवी ने 38 वर्ष पहले सिर्फ दो गायों से डेयरी का काम शुरू किया था। आज वह डेयरी व्यवसाय के जरिए सालाना 30 से 40 हजार लीटर दूध का उत्पादन कर हर साल करीब आठ से 10 लाख रुपये की आमदनी अर्जित कर रही हैं। अपनी मेहनत और लगन के दम पर बिटाना देवी को 15 बार गोकुल पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा उन्हें कई अन्य सम्मानों से भी नवाजा गया है। वर्ष 2018 में कानपुर स्थित चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें 'उत्कृष्ट कृषक' पुरस्कार देकर सम्मानित किया था। वहीं वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी उन्...