पांचवीं अनुसूची लागू होने से उत्तराखंड के बचेंगे पहाड़, उत्तराखंड एकता मंच ने बुलंद की आवाज
देहरादून, अगस्त 8 -- श्रीनगर। उत्तराखंड के पहाड़ों से लगातार हो रहे पलायन, प्राकृतिक संसाधनों पर स्थानीय अधिकार और मूल निवास के मुद्दे को लेकर उत्तराखंड एकता मंच ने सरकार के सामने बड़ा सवाल खड़ा किया है। मंच ने उत्तराखंड को संविधान की पांचवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग करते हुए कहा कि पहाड़ को बचाना है तो यहां के लोगों को जल, जंगल और जमीन पर निर्णायक अधिकार देना होगा। मंच ने कहा कि केवल योजनाओं और घोषणाओं से पलायन नहीं रुकेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार और ग्रामीणों को प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार देना होगा। मंच के अध्यक्ष अनूप बिष्ट ने कहा कि उत्तराखंड में शिक्षा के बाद रोजगार सबसे बड़ा मुद्दा है। रोजगार के अभाव में गांव खाली हो रहे हैं और पहाड़ की सामाजिक एवं सांस्कृतिक संरचना लगातार कमजोर पड़ रही है। कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृ...
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