रांची, जून 18 -- रांची, विशेष संवाददाता। पलामू के पांकी थाना में युवक महफूज अहमद की कथित हिरासत में मौत और मेडिकल जांच में घायल होने के बावजूद उसे फिट फॉर कस्टडी बताए जाने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने पूरे प्रकरण में लापरवाही और बाद में तथ्यों की लीपापोती की आशंका जताते हुए लातेहार और पलामू के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को मजिस्ट्रेट की निगरानी में न्यायिक जांच कराने का निर्देश दिया है। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की खंडपीठ ने यह आदेश शाईदा खातून एवं अन्य की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि महफूज अहमद के साथ पुलिस हिरासत में अमानवीय व्यवहार किया गया और बाद में पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया गया। प्रार्थी के अनुसार, 1 मार्च...